Tuesday, September 27, 2016

                               दवाईयों के प्रयोग से करे परहेज
(यह लेख साधारण व आम बीमारियों
पर लिखा गया है)

आज की भाग दौड़ की जिंदगी में हम लोग सिर्फ पैसा कमाने में लगे है,हम लोग ये भूल गये है की जिस पैसे के लिए हम
लोग दिन रात अपने शरीर से मेहनत करवा रहे है,कल जब वो पैसा हमारे पास होगा पर हमारा शरीर हमारा साथ
नही देगा,तो जो पैसा आज हम दिन रात मेहनत कर के कमा रहे हैं वो पैसा हमें डॉक्टर को देना पड़ेगा अपने शरीर का इलाज़ करवाने के लिए। आज हम लोग दवाईयों पर बहुत  निर्भर रहते है,सिर दर्द,बुखार,खांसी जुकाम या कोई भी छोटी बीमारी हो बिना समय गवाए
झट दवाई खा लेते है।अरे भई! हम समय बर्बाद नही कर सकते,बहुत  काम है हमें। ठीक है समय मत बर्बाद करे,चाहे
दवाईया खाने से शरीर खराब हो जाये,उसकी परवाह नही है।आज लोग नेट पर,पाटियो,और बेकार की गप्पों में समय
नष्ट  कर  देगे,लेकिन अगर उन्हें व्ययाम, योग या घरेलू दवाईयों  का प्रयोग करने के लिए कहा  जाये तो उनके पास समय
नही होता,जैसे ये करने से कहने वाले को फायदा होगा उनके शरीर को नही। जैसा की कहा जाता है स्वस्थ तन में स्वस्थ मन निवास करता है,अगर तन ही स्वस्थ नही होगा तो मन स्वस्थ कैसे होगा,और अगर मन स्वस्थ नही होगा तो इसका असर हमारे काम पर भी पड़ेगा। क्या
हमने कभी सोचा है कि जिन बीमारियों का नाम कभी-कभी  सुना जाता थाआज वो आम बीमारियों की  सूचि में
आ गई है जैसे उच्च व निम्न रक्तचाप, सिने में जलन,मधुमेह आदि। ऐसा क्यों ??
 इन सब का कारण है हम लोगो की  बिगड़ी हुई दिनचर्या। सोने के समय जागते है,जागने के समय सोते है। पानी की जगह तरह तरह के पेय जल से प्यास बुझाते है, दाल रोटी की जगह पिज्जा,बर्गर आदि ने ले ली है।
अब अगर सुबह की ताज़ी हवा  का स्थान AC और कूलर  की हवा ले ले तो
शरीर कैसे स्वस्थ रह सकता है। लोग व्यायाम के नाम पर जिम,हेल्थ क्लब आदि जाते है जहा मशीनों से सेहत
बनाने की बात करते है,अब आप ही सोचे सुबह की स्वच्छ,ताज़ी हवा  से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ओक्सिजन मिलेगी या चार दिवारी में बने जिम और हेल्थ क्लब में । अगर हम अपने व्यस्त जीवन में,रोंज की दिन चर्या में कुछ छोटी-छोटी बातें शामिल कर ले तो हम एक स्वस्थ
जीवन का आनंद उठा सकते है। सबसे पहले तो हमे दवाईयों का कम से कम उपयोग करना चाहिए ,हमारी पहलीकोशिश येही रहनी चाहिए की हम दवाईयों की जगह कोई घरेलू  नुस्खे  का प्रयोग करे। दिखने  में बहुत ही साधारण 
नुस्खे बहुत ही फायेदेमंद  है,रसोई में प्रयोग होने वाली चीज़े रोगों का निवारण करने में सहायक सिद्ध हुई है| जैसे उलटी आने
पर दवाई खाने की बजाये प्याज़ के रस का सेवन तुरंत फायेदेमंद  है ,कान दर्द होने पर लहसन को सरसों के तेल में जलाकर,तेल को छान कर इसकी एक दो बुँदे कान में डाले कान दर्द गायब।
दवाईया एक रोग ठीक कर के अन्य रोग लगा देती है,इसीलिए स्वस्थ जीवन की चाह रखने वालो को दवाईयों को इनकार
करना सीख लेना चाहिए।

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