प्यार के बजाय हवस से भरी है युवा पीढ़ी
वैसे तो प्यार क लिए कोई दिन निश्चित नही होता हैं,लेकिन पश्चमी सभ्यता को देखते हुए हम भारतीय भी उत्सव का कोई मौका हाथ से जाने नही देते हैं,फिर चाहे वो मदर्स डे हो,फाथर डे या वेलनटाइन डे,
वेलनटाइन डे यानि प्यार का दिवस।
वैसे आजकल जिन्दगी इतनी व्यस्त हो गई है कि लोगो के पास अपने प्रियजनों से बात करने की भी फुर्सत नही है। इस बात को नज़र में रखते हुए अगर ये दिवस मनाये जाये तो कोई बुराई नही है। वैसे भी आजकल दिल की बात को समझना कोई आसन काम नही हैं,इसलिए अगर इन ख़ास दिवस पर आप अपने प्रियजन चाहे वो आपके माता-पिता हो,या जीवनसाथी ,को दिल की बात खुल कर बताओगे,अपना प्यार दिखाओगे तो इससे आपका रिश्ता मजबूत ही बनेगा। सदियों से बड़े बुजुर्ग प्यार की राह पर चलना तो सिखाते ही आ रहे है,लेकिन प्यार का ख़ास अंदाज़ में,खास दिवस पर इजहार करना आज की युवा पीढ़ी ने सिख लिया है। अब वेलनटाइन डे भारत वर्ष में भी दिवाली से कम नही मनाया जाता। जिस तरह दिवाली वाले दिन बाजारों में हलचल होती है उसी तरह वेलनटाइन वाले दिन भी बाज़ार खूब सजे होते है, तरह -तरह के प्यार के तोहफे,चोकलेट्स ,लव कार्ड्स से दुकानें सजी होती है।और लडके लडकियों से भरी होती है। फरवरी महीने का नाम भी आशिक़ो ने लवली फरवरी रख दिया है।जिस तरह नवरात्रे 9 दिन मनाये जाते है, उसी तरह "वैलेंटाइन डे"की तैयारी भी 7 फरवरी से शुरू हो जाती है|
7thफरवरी रोंज डे (rose day)
8thफरवरी प्रपोज डे (propose day)
9thफरवरी चोकलेट डे (chocolate day)
10thफरवरी टेडी day (teddy day)
11thफरवरी परोमिस डे (promise day)
12th फरवरी हग डे (hug day )
13thफरवरी किस डे (kiss day)
14th फरवरी वैलेंटाइन डे (VALENTINE'S DAY)
प्यार में कोई बुराई नही है,बस मन सच्चा होना चाहिए,जो आजकल के युवाओ में बहुत कम देखने को मिलता है।आजकल की युवा पीढ़ी प्यार के सही मायने नही समझ पा रही है,उनके दिमाग में हवस भरी पड़ी है,वे प्यार को खिलौने की तरह इस्तेमाल करते है और फिर एक को छोड़ दूसरे के साथ हो जाते है,ऐसे लोग प्यार की पवित्रता को ठेस पहुँचा रहे है।और कहते है ना घुन के साथ घेहू भी पिस्सा जाता है,उसी तरह हवस के पुजारियों के साथ सच्चे प्यार करने वाले भी शक की निगाह से देखे जाते है। और सच बात तो ये हैं कि आज की युवा पीढ़ी प्यार करना तो जानती है,लेकिन उनमें वह सहनशक्ति ,वह विश्वास नही है जो प्यार के रिश्ते को निभाने में एहम भूमिका निभाता है। प्यार का रिश्ता विश्वास,त्याग,सहनशक्ति की नीव पर खड़ा होता है। लेकिन आजकल की युवा पीढ़ी अपनी शर्तो पर प्यार हासिल करना चाहती है। जितनी जल्दी प्यार के रिश्ते में बंधते है,उतनी ही जल्दी प्यार के रिश्ते से आज़ाद भी होना चाहते है। हमारा समाज बहुत गलत दिशा में जा रहा हैं, युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कार डालना उनके माता-पिता,अध्यापक आदि का फ़र्ज़ हैं। हम सब को अपना फ़र्ज़ निभाना चाहिए,तभी हमारा समाज अच्छी सोच अच्छे संस्कारों से भरपूर होगा। चाहे लड़का हो या लड़की दोनों में संस्कार होने बहुत जरूरी हैं। हमें अपने बच्चों को प्यार के सही मायने सिखाने चाहिए। उन्हें हवस और प्यार का अंतर पता होना चाहिए। युवा पीढ़ी को प्यार का सही अर्थ पता होना चाहिए। जो प्यार पहली नज़र में हो जाए वो प्यार नही आकर्षण होता हैं, उसमें सामने वाले को हासिल करने की जल्दी होती और हासिल होने के बाद छोड़ने की भी जल्दी होती हैं। ऐसा प्यार,प्यार नही होता। हमें बच्चों को समझाना चाहिए कि प्यार किसी को हासिल करने का नाम नही हैं,सच्चा प्यार वो होता हैं जिसमें एक दूसरे की कद्र की जाती हैं,एक दूसरे पर दिल से भरोसा किया जाता हैं। सच्चे प्यार में कोई जल्दबाजी नही होती। सच्चा प्यार कभी खत्म नही होता क्योंकि सच्चा प्यारा एक दूसरे को जानने और समझने के बाद होता हैं। इसलिए अंत में इतना ही कहूँगी प्यार का दिन मनाये पर प्यार के साथ।
HAPPY VALENTINE'S DAY🌹
वैसे तो प्यार क लिए कोई दिन निश्चित नही होता हैं,लेकिन पश्चमी सभ्यता को देखते हुए हम भारतीय भी उत्सव का कोई मौका हाथ से जाने नही देते हैं,फिर चाहे वो मदर्स डे हो,फाथर डे या वेलनटाइन डे,
वेलनटाइन डे यानि प्यार का दिवस।
वैसे आजकल जिन्दगी इतनी व्यस्त हो गई है कि लोगो के पास अपने प्रियजनों से बात करने की भी फुर्सत नही है। इस बात को नज़र में रखते हुए अगर ये दिवस मनाये जाये तो कोई बुराई नही है। वैसे भी आजकल दिल की बात को समझना कोई आसन काम नही हैं,इसलिए अगर इन ख़ास दिवस पर आप अपने प्रियजन चाहे वो आपके माता-पिता हो,या जीवनसाथी ,को दिल की बात खुल कर बताओगे,अपना प्यार दिखाओगे तो इससे आपका रिश्ता मजबूत ही बनेगा। सदियों से बड़े बुजुर्ग प्यार की राह पर चलना तो सिखाते ही आ रहे है,लेकिन प्यार का ख़ास अंदाज़ में,खास दिवस पर इजहार करना आज की युवा पीढ़ी ने सिख लिया है। अब वेलनटाइन डे भारत वर्ष में भी दिवाली से कम नही मनाया जाता। जिस तरह दिवाली वाले दिन बाजारों में हलचल होती है उसी तरह वेलनटाइन वाले दिन भी बाज़ार खूब सजे होते है, तरह -तरह के प्यार के तोहफे,चोकलेट्स ,लव कार्ड्स से दुकानें सजी होती है।और लडके लडकियों से भरी होती है। फरवरी महीने का नाम भी आशिक़ो ने लवली फरवरी रख दिया है।जिस तरह नवरात्रे 9 दिन मनाये जाते है, उसी तरह "वैलेंटाइन डे"की तैयारी भी 7 फरवरी से शुरू हो जाती है|
7thफरवरी रोंज डे (rose day)
8thफरवरी प्रपोज डे (propose day)
9thफरवरी चोकलेट डे (chocolate day)
10thफरवरी टेडी day (teddy day)
11thफरवरी परोमिस डे (promise day)
12th फरवरी हग डे (hug day )
13thफरवरी किस डे (kiss day)
14th फरवरी वैलेंटाइन डे (VALENTINE'S DAY)
प्यार में कोई बुराई नही है,बस मन सच्चा होना चाहिए,जो आजकल के युवाओ में बहुत कम देखने को मिलता है।आजकल की युवा पीढ़ी प्यार के सही मायने नही समझ पा रही है,उनके दिमाग में हवस भरी पड़ी है,वे प्यार को खिलौने की तरह इस्तेमाल करते है और फिर एक को छोड़ दूसरे के साथ हो जाते है,ऐसे लोग प्यार की पवित्रता को ठेस पहुँचा रहे है।और कहते है ना घुन के साथ घेहू भी पिस्सा जाता है,उसी तरह हवस के पुजारियों के साथ सच्चे प्यार करने वाले भी शक की निगाह से देखे जाते है। और सच बात तो ये हैं कि आज की युवा पीढ़ी प्यार करना तो जानती है,लेकिन उनमें वह सहनशक्ति ,वह विश्वास नही है जो प्यार के रिश्ते को निभाने में एहम भूमिका निभाता है। प्यार का रिश्ता विश्वास,त्याग,सहनशक्ति की नीव पर खड़ा होता है। लेकिन आजकल की युवा पीढ़ी अपनी शर्तो पर प्यार हासिल करना चाहती है। जितनी जल्दी प्यार के रिश्ते में बंधते है,उतनी ही जल्दी प्यार के रिश्ते से आज़ाद भी होना चाहते है। हमारा समाज बहुत गलत दिशा में जा रहा हैं, युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कार डालना उनके माता-पिता,अध्यापक आदि का फ़र्ज़ हैं। हम सब को अपना फ़र्ज़ निभाना चाहिए,तभी हमारा समाज अच्छी सोच अच्छे संस्कारों से भरपूर होगा। चाहे लड़का हो या लड़की दोनों में संस्कार होने बहुत जरूरी हैं। हमें अपने बच्चों को प्यार के सही मायने सिखाने चाहिए। उन्हें हवस और प्यार का अंतर पता होना चाहिए। युवा पीढ़ी को प्यार का सही अर्थ पता होना चाहिए। जो प्यार पहली नज़र में हो जाए वो प्यार नही आकर्षण होता हैं, उसमें सामने वाले को हासिल करने की जल्दी होती और हासिल होने के बाद छोड़ने की भी जल्दी होती हैं। ऐसा प्यार,प्यार नही होता। हमें बच्चों को समझाना चाहिए कि प्यार किसी को हासिल करने का नाम नही हैं,सच्चा प्यार वो होता हैं जिसमें एक दूसरे की कद्र की जाती हैं,एक दूसरे पर दिल से भरोसा किया जाता हैं। सच्चे प्यार में कोई जल्दबाजी नही होती। सच्चा प्यार कभी खत्म नही होता क्योंकि सच्चा प्यारा एक दूसरे को जानने और समझने के बाद होता हैं। इसलिए अंत में इतना ही कहूँगी प्यार का दिन मनाये पर प्यार के साथ।
HAPPY VALENTINE'S DAY🌹
