Saturday, December 2, 2017

जन्म देशी-जन्म दिन विदेशी

                        
                                 देशी जन्म-दिन विदेशी (नही समझे 🙄)
                                  जन्म देशी जन्म- दिन विदेशी
जी हां जन्म तो भारत देश में ही होता हैं,लेकिन जन्म वाले दिन को विदेशी ढंग से मनाया जाता हैं। भारत देश विदेशी रंग में ढलता जा रहा हैं। अपनी पहचान खो रहा हैं।बहुत दुःख होता हैं ये सब देख कर। जहा पहले जन्मदिन पर सुबह उठ कर बड़ो का आशीर्वाद लिया जाता था। मन्दिर,गुरुद्वारा जाते थे,गरीबों में कुछ ना कुछ बाटते थे। वहां आज कल के माँ बाप जन्मदिन पर केक कटवा रहे हैं बच्चों से। पार्टिया मना रहे हैं। गाने बजाए जा रहे हैं डांस हो रहा हैं। भारत मॉडर्न हो रहा हैं लेकिन संस्कृति तो मत छोड़ो।फालतू पैसे हैं तो ये सब भी करो साथ में बच्चों को बड़ो का आशीर्वाद दिलवाओ,मन्दिर गुरद्वारे लेकर जाओ,गरीबों की दुआएं दिलवाओ । इससे बच्चों में अच्छे संस्कार आयेंगे। इसका फ़ायदा आपको ही होगा। आजकल येही सुनने को मिलता हैं बच्चें बिगड़ गए हैं। जी नही मेरा मानना ये हैं कि बच्चें नही बिगड़े,उनके माँ बाप ने उन्हें अच्छे संस्कार ही नही दिए। बच्चों को मॉडर्न बनाने में  कोई बुराई नही हैं,आज के कॉम्पीटिशन के युग में बच्चों को सबकुछ सिखाना चाहिए,उन्हें आज के ज़माने में कदम से कदम मिलाकर चलना आना चाहिए लेकिन संस्कृति को भुला कर बिल्कुल नही।


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