Tuesday, November 9, 2010
Tuesday, May 25, 2010
खोते है सपने ,दिल टूटता है
सुन न ले कोई आह्ट,इस बात से डरते है
खो कर अपना सब कुछ हम मुस्कुराते है।
महफ़िल में भी हम तन्हा रह जाते है ,न चाहते हुए भी हम गुनगुनाते है
कैद करते है आंसुओ को आँखों में ,दुनिया से छुपाते है,
फिर भी न थमे अगर ये आंसू
तो......
दुःख और दारू और जतलाते हैं
Tuesday, April 20, 2010
जीवन के दर्द को कैसे हम छुपाये ,
रोते हुए कैसे हम मुस्कुराये ,
आँखों के आंसू अब थमते नही है ,
जीने क अब बहाने नही है ,
हे खुदा !तू सुनता है सबकी ,मेरी क्यों सुनता नही है
मरने से डरते है,पर अब जिया भी ना जाये
किससे कहे ,कैसे कहे ,अपनों को और कितना रुलाये,
राम जी से नही है तुलना मेरी , फिर भी उनका बनवास केवल १४ वर्ष का था ,
मेरे बनवास का कब अंत होगा
हे खुदा ! करदे मेरे दर्द के सफ़र का अंत ,
अब और न सहा जाये ,अब और न सहा जाये
Monday, April 12, 2010
प्यार
प्यार की परिभाषा को क्यों गलत समझते है लोग ,
प्यार के रास्तें में क्यों नही चलते है लोग ,
प्यार वो दवा है ,जो सब गम भुला देती है
प्यार वो रोशनी है जो अन्धकार को मिटा देती है ,
प्यार वो ताकत है जो ,नामुनकिन को मुमकिन बना देता है,
फिर क्यों प्यार को रूसवा करते है लोग ,
नज़रो का सब खेल है, नज़रो को क्यों साफ़ नही रखते है लोग ,
प्यार इंसान को अच्छा बना देता है,इतनी सी बात क्यों नही जानते है लोग
प्यार की परिभाषा को क्यों गलत समझते है लोग।
Friday, April 9, 2010
तमनाये बडती जाती है ,कुछ हासिल हो न हो ख्वाब देखती जाती है आँखें
टूटता है ख्वाब ,दिल रोता है
फिर नए ख्वाब बुनती जाती है आँखें ।
ख्वाब न होते जिंदगी न होती
ख्वाब न होते उम्मीद न होती
पल पल उम्मीद जगाते ख्वाब
तन्हाई में रुलाते ,भीड़ में हसाते ख्वाब
दर्दे दिल के साथी है ख्वाब